In बेतरतीब पन्ने, माँ

यादों के झरोखे से - कुछ अपनों के मन की (तीन)

In बस यूँ ही...चलते-चलते..., बेतरतीब पन्ने

यादों के झरोखे से- मानी अपने भाई बहन की यादों में- (पाँच)

In बस यूँ ही...चलते-चलते..., बेतरतीब पन्ने

यादों के झरोखे से- मानी अपने भाई बहन की नज़र में- (चार)

In बेतरतीब पन्ने, माँ

यादों के झरोखे से- मानी अपने भाई बहन की नज़र में (तीन)

In बेतरतीब पन्ने, माँ

यादों के झरोखे से- मानी अपने भाई बहन की नज़र में- (दो)