In चिंटू, माँ

यादों के झरोखे से- (सात)

In गुदगुदी, चिंटू

जाने क्या गुनगुना गई...यादें...

In गुदगुदी, चिंटू

बह चली हैं यादें...फिर किसी बहाने से...