लीजिए , देखते-देखते साल २०१० भी गया और इस नए साल २०११ का पहला हफ़्ता भी हम सब से विदा लेना ही चाहता है...। ठण्ड अपने रिकार्ड तोड़ रही...सो आज कल तो बस गर्मागर्म चाय की चुस्कियाँ , नर्म गद्दे और गुदगुदी रज़ाई...इसके सिवा दिल और कुछ माँगे क्या...??? पर ऐसा होना सम्भव नहीं हो पाता न...। आज मैं आप को बहुत देर तक कम्प्यूटर के सामने बैठाने की ग़ुस्ताखी नहीं करूँगी...। तो पहले तो नए वर्ष पर आज पहली बार अपने कुछ हाइकू अपके सामने पेश कर रही हूँ...। हाइकू कविता की जापानी शैली है , तीन पंक्तियों में अपनी बात कहने की...और ये तीन पंक्तियाँ पाँच-सात-पाँच वर्णों के क्रम में होती हैं...। बताइएगा , आप को ये हाइकू कैसे लगे...।
१) नए साल में
पिछले बरस से
खुशियाँ लाएँ ।
२) नया साल तो
नवजात बच्चे सा
मन मोहता ।
३) कुछ वादे हैं
बहुत इरादे हैं
नव वर्ष में ।
काश ! नया साल हम सभी की इच्छाएँ पूरी कर दे...। मेरी शुभकामना...।
१) नए साल में
पिछले बरस से
खुशियाँ लाएँ ।
२) नया साल तो
नवजात बच्चे सा
मन मोहता ।
३) कुछ वादे हैं
बहुत इरादे हैं
नव वर्ष में ।
काश ! नया साल हम सभी की इच्छाएँ पूरी कर दे...। मेरी शुभकामना...।

